मुहब्बत की शमा कहाँ जलती है-Muhabbat Ki Shama Kahan Jalti Hai

मुहब्बत की शमा कहाँ जलती है-Muhabbat Ki Shama Kahan Jalti Hai20220816 125501

मुहब्बत की शमा कहाँ जलती है-Muhabbat Ki Shama Kahan Jalti Hai

हज़रत इब्राहीम बिन अदहम रह० ने एक ख्वाब देखा कि एक फरिश्ता लिख रहा था। पूछा क्या लिख रहे हो? कहने लगे आशिकों का नाम लिख रहा हूँ। उन्होंने कहा मेरा नाम भी है? फरिश्ते ने कहा तुम्हारा नाम नहीं है। कहने लगे कि ऐसा करो कि अल्लाह के आशिकों से मुहब्बत करने वालों में मेरा नाम लिखो।

वह फरिश्ता कहता है। बहुत अच्छा और चला गया। फिर कुछ अर्से के बाद ख्वाब देखा। देखते हैं कि फ़रिश्ता लिख रहा है। पूछा क्या लिख रहे? कहने लगा कि उन लोगों के नाम लिख रहा हूँ जिनसे अल्लाह तआला मुहब्बत करते हैं। उन्होंने कहा किे अच्छा मेरा नाम भी कहीं है? तो उसने दिखाया कि जिनसे अल्लाह तआला मुहब्बत किया करते हैं

उस सफ़हे के सबसे ऊपर इब्राहीम बिन अदहम रह० का नाम लिखा हुआ था। अल्लाह तआला ने फरमाया कि जो मेरे आशिकों से मुहब्बत करते हैं। मैं उन बंदों के साथ मुहब्बत किया करता हूँ। इसलिए अल्लाह वालों से मुहब्बत अल्लाह की मुहब्बत मिलने का ज़रिया बन जाती है। जब अल्लाह से मुहब्बत होती है तो अल्लाह के नाम से भी मुहब्बत हो जाती है।

एक दम भी मुहब्बत छिप न सकी
जब तेरा किसी ने नाम लिया

नोट :- एक आखरी बात और अर्ज करता चलूँ की अगर
कोई पोस्ट, क़ौल, वाक़िया, अच्छा लगा करे तो पढ़ने के
बाद उसे अपने दोस्तों रिश्ते दारों को भी भेज दिया कीजिये
ताकि दूसरे लोग भी उस से फायदा हासिल कर सकें।

दुआओं में याद रखना

Leave a Comment

Your email address will not be published.